एक ऐसी चट्टान है जो धुप छावं खाकर भी एक आकार बन सा गया है | इससे हमें सिख लेनी चाहिये की चट्टान की तरह अपने आप को मजबूत बनाये तथा अपने आप को एक मजबूत व खुबसूरत आकार दे | क्योंकि मौके-मौके बार बार नही मिलते | 

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