यह एक बड़ी ग्रंथालय से मिली हुयी जयशंकर प्रसाद का लेख है | जयशंकर प्रसाद एक हिन्दी कवि, नाटककार, उपन्यासकार तथा निबन्धकार थे। वे हिन्दी के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। उन्होंने हिन्दी काव्य में एक तरह से छायावाद की स्थापना की है |

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